ek nayi umeed

ओर बस यू हुआ कि
हमने तुम्हे दुआओं में मागँना छोङ दिया।
उस आस से आस लगाना छोङ दिया,
छोङ दिया,
दिल की उस राह का साथ,
जिस राह मे थामा था तेरा हाथ॥
एक उम्मीद़ थी
तुम आओगे..
फिर अपना मुझे बनाओगे,
लेकिन, तुम नही अाएे तो क्या ?
हमने भी तुम्हे़ं बुलाना छोङ दिया..
दे कर खुशि़याँ कुछ पल की ही सही,
छुआ था जिस रूह़ को मेरी,
उस रूह़ से निकाल तुम्हे़...
हमने इस जिस्म पर एक नया साया अब है औढ़ लिया॥

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