kuch shabd hakeeqat ko baya krte hue
जनाज़ो की बारात भी कितनी हसीन हुआ करती है,
कांधे चार और मौत एक हुआ करती है।
इस बारात में..
ना कोई नाच होता है, ना ही कोई गीत..
होती है तो बस...
किसी के सफर-ए-जिंदगी की आखरी रित ॥
कांधे चार और मौत एक हुआ करती है।
इस बारात में..
ना कोई नाच होता है, ना ही कोई गीत..
होती है तो बस...
किसी के सफर-ए-जिंदगी की आखरी रित ॥
आप तो बहुत ही उच्च स्तर की कवयित्री हो
ReplyDeleteजी शुक्रिया :)
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